आज का आलेख(12 जनवरी 2015 के लिए)
यूज करें
निंदकों और आलोचकों
का
- डॉ. दीपक आचार्य
9413306077
dr.deepakaacharya@gmail.com
आजकल अधिकांश लोग अपनी आलोचनाओं से परेशान
रहते हैं और बेवजह तनावग्रस्त हो जाते हैं। जबकि आलोचनाएं होना अपने सौभाग्यशाली होने
का पक्का और शाश्वत प्रतीक है क्योंकि दुनिया भर में फैली करोड़ों की जनसंख्या में हम
उन खास में आते हैं जिनकी आलोचना कर लोग अपने आप के जिन्दा होने का प्रमाण देते हैं
और जीवित रहने की ऊर्जा पाते हैं। अन्यथा हम न होते तो इन बेचारों की जिन्दगी कैसे
कटती? यह समझ पाना ज्यादा मुश्किल नहीं है।
हम दुनिया भर में उन चुनिन्दा लोगों में
शुमार हैं जिनकी तरफ खूब सारे ऎसे लोगों की दृष्टि हमेशा टिकी हुई रहती है जो अपने
जमाने के हुनरमंद छिद्रान्वेषी, विशेषज्ञ और विश्लेषक कहे जाते हैं। वरना आपाधापी से
भरे इस दौर में किसे इतनी फुर्सत है कि हमारे बारे में जानकारी लेने के लिए हर क्षण
उतावला बना रहे और इसी खोज में लगा रहे कि कब हमारे बारे में कहीं से कुछ नई और ताजा
जानकारी प्राप्त हो जाए ताकि इस प्रसाद का खुद भी पूरा-पूरा आनंद ले और दूसरों को भी
लेने दे।
इस मामले में हमें अपने आपको परम भाग्यशाली
समझना चाहिए कि भगवान ने खूब सारे लोगों को हमारे लिए ही पैदा कर रखा है और हम अहर्निश
उनकी दृष्टि परिधि या वैचारिक परिधि में बने रहकर उनके मन-मस्तिष्क पर एकाधिकार किए
हुए बैठे हैं।
यों देखा जाए तो आलोचना का सीधा सा अर्थ
यही है कि यथार्थ की कसौटी पर खरा उतरकर सामने आया निरपेक्ष निष्कर्ष, जो हमेशा सत्य
के करीब ही होता है। इस दृष्टि से आलोचना होना
नितान्त जरूरी है क्योंकि इसके माध्यम से सुधार और निखार की तमाम संभावनाओं के द्वार
खुले रहते हैं।
कोई व्यक्ति अच्छा है उसे अच्छा कहा जाए
अथवा कोई व्यक्ति बुरा है और उसे बुरा कहा जाए, यह स्वस्थ आलोचना है जबकि कोई इंसान
बुरा नहीं है फिर भी उसे बुरा कहा जाए, यह अपने आपमें निंदा है तथा इससे बचना चाहिए।
लेकिन आजकल आलोचना का माद्दा किसी में रहा ही नहीं है।
निन्दकों से बाजार भरे पड़े हैं। अब तो
निंदकों का वजूद घर से लेकर देश के शिखर पुरुषों तक हो चला है जहाँ निंदा कई-कई स्वरूपों
में भेष बदल-बदल कर सामने आती है। अब तो निंदा के प्रसार की दृष्टि से अत्याधुनिक तकनीक
भरे वैश्विक माध्यम हमारे सामने हैं जहाँ पल भर में करोड़ों लोगों के दिल और दिमाग तक
यह पहुंच जाती है।
अच्छी बात किसी के पास पहुँचे या नहीं,
मगर निन्दा रस में पग कर निकली हर बात फटाफट सर्वत्र पहुँच जाती है और वह भी बिना किसी
बाधा के। जिन लोगों की कोई आलोचना नहीं करता,
कोई निंदा करने वाला नहीं मिलता, उनका कहीं कोई वजूद नहीं है।
हम सभी लोग अत्यन्त सौभाग्यशाली हैं जिनके
लिए परमात्मा ने हमारे जन्म के साथ ही खूब सारे आलोचक और निन्दक पैदा कर दिए जो हमारे
बारे में किसी न किसी रूप में प्रचार करते हुए परम संतोष के साथ जीवनयापन कर रहे हैं
और संसार में बने हुए हैं। हम न होते तो वे बेचारे अनाथ ही हो जाते अथवा कुपोषण के
मारे दम ही तोड़ देते।
यों भी आज का युग पब्लिसिटी का है जिसमें
स्टंट, पैसा और अभिनय हो तो पब्लिसिटी के भूतों और एडवरटाइजमेंट बेतालों के सर पर सवार
होकर कहीं भी कुछ किया या कराया जा सकता है। फिर हमारे पास ऎसे-ऎसे आलोचक और निंदक
विद्यमान हैं जो बिना कोई पारिश्रमिक लिए मुफत में हमारी जिस प्रकार पब्लिसिटी कर रहे
हैं वह अपने आप में भगवान की कृपा और दया ही कही जानी चाहिए वरना अनाप-शनाप पैसे लेकर
पब्लिसिटी और पीआर सेक्टर में जमे हुए लोग भी इनके मुकाबले कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
निंदकों का ही कमाल है कि उनकी दिन-रात
और बरसों से की जाती रहने वाली निंदाओं की वजह से बिना कोई पैसा खर्च किए इतना विज्ञापन
होता है, प्रचार मिलता है कि रातों रात वैश्विक छवि बन जाती है। इसलिए निंदकों को कभी बुरा न कहें, न उनकी निंदाओं
का बुरा मानें, ये लोग हमारी पब्लिसिटी के लिए ही पैदा हुए हैं और इनकी खातिर जब हमें
चरम स्तर की लोकप्रियता हासिल हो जाती है तभी इतनी गति-मुक्ति होनी संभव है, इससे पहले
कभी नहीं।
इसलिए निंदकों का आभार मानें कि जो हमारे
पीछे पड़े हुए हमें इतना अधिक प्रचारित करने का काम कर रहे हैं और वह भी एक पैसा लिए
बगैर। संसार में पैदा होने से लेकर लौटने तक इस सेवा के सिवा उनसे भगवान को भी कोई
दूसरी अपेक्षा नहीं होती।
भगवान हमारे सभी प्रकार के निंदकों को
लम्बी आयु दे ताकि इन अवैतनिक सेवाभावियों की मदद से हमारे व्यक्तित्व को उत्तरोत्तर
ऊँचाइयां प्राप्त होती रहें। सभी निंदकों के श्रीचरणों में समपित करने लायक इससे अधिक
श्रद्धा और कुछ नहीं हो सकती कि हम निंदकों का महिमागान करें, उनकी दीर्घायु व कुशल
स्वास्थ्य की कामना करें और तहे दिल से यह स्वीकार कर लें कि निंदकों का जन्म हमारे
ही लिए हुआ है, इनका पूरा-पूरा उपयोग लें और संसार के सम्पूर्ण वैभव का उपभोग करने
लायक स्थिति प्राप्त करें।
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